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जीवन में हम सभी किसी-न-किसी से कोई-न-अपेक्षा अवश्य रखते है। यह कहानी प्रस्तुत है।

ahlawatPosted for Everyone to comment on, 4 years ago3 min read

‌‌‌एक राजा की तीन बेटियॉ थीं। एक दिन उसने अपनी बेटियों को अपने पास बुलाया और उनसे कहा, ‘‘मेरी प्यारी बच्चियां! लोग कहते है कि मैं बहुत बड़ा राजा हॅू। वे मुझे प्यार भी करते है। और इतना सम्मान भी कि मेरे लिए अपनी जान भी देने को तैयार है। लेकिन मै यह जानना चाहता हॅू। कि मेरी अपनी बेटियॉ मुझे कितना प्यार करती है।’’
‘‘पिता जी, मैं आपको बहुत प्यार करती हॅू। मेरा प्यार आकाश की भॉति अनंत और स्वर्ण की भॉति शुद्ध है’’ बड़ बेटी बोली।
यह सुनकर राजा बहुत ही प्रसन्न हुआ। पिता जी, आपके लिए मेरा प्यार समुद्र की भॉति असीम और हीरे जवाहरातों की भॉति मूल्यवान है। मॅझली बेटी ने कहा।
राजा की प्रसन्नता का ठिकाना न रहा। पिता जी , मेरा प्यार ऐसा ही है जैसे कि एक बेटी को अपने पिता के लिए होता है। सबसे छोटी बेटी ने उत्तर दिया।
लेकिन तुम मुझे कितना प्यार करती हो ? राजा ने फिर पूछा।
तीसरी बेटी सोचने लगी और फिर बोली, पिता जी, मैं इतना ही कह सकती हॅू कि मैं आपको उतना ही प्यार करती हॅू जितना कि आप और मैं नमक को करते है।
‘‘क्या? तुम मुझे केवल साधारण नमक के बराबर प्यार करती हो ? राज ने फिर पूछा।
हॉ, पिता जी! उसने उत्तर दिया।
राजा क्रोध से लाल-पीला हो गया। ‘‘मुझे इस तरह अपमानित करने का फल तुम भुगतोगी। वह बोला
उस दिन से राजा ने अपनी छोटी बेटी से बात करना छोड़ दिया। वह उसकी ओर देखता तक नही था।
समय बीतता गया। राजा ने अपनी दोनों बड़ी राजकुमारियों का विवाह दो राजाओ के साथ कर दिया। तीसरी राजकुमारी अब अकेली रह गई। राजा ने उसका विवाह एक भिखारी से करके उसे विदा कर दिया। राजकुमारी ने अपना दंड बिना एक शब्द कहे हुए स्वीकर कर लिया।
राजकुमारी बहादुर थी। वह किसी भी स्थिति या कठिनाई को सामना करने के लिए तैयार थी सबसे पहले वह अपने पति के बारे में जानना चाहती थी। वह कौन था पति ने बताया कि वास्तव में वह भिखारी नही था। वह इस शहर में नया था आर काम ढॅूढ़ रहा था। तब उसे कोई काम नही मिता तो लाचार होकर एक दिन भोजन के लिए भिक्षा मॉगनी पड़ी। उसी समय राजा ने उसे बुलवा लिया।
भिखारी बना वह नवयुवक बहुत महत्त्वाकांक्षी था। एक वीर और चतुर लड़की को पत्नी के रुप में पाकर वह प्रसन्न था। नवयुवक और उसकी पत्नी शहर से बहुत ही दूर छोटी सी झोंपड़ी में रहने लगे। पत्नी ने कुछ आभूषण पहने हुए थे। उसने अपने सब आभूषण बेच दिए और उन पैसों से एक नया जीवन आरंभ किया।
उन्होने थोड़ी-सी जमीन किराये पर ली और उस पर खेती करने लगे। फसल अच्छी हुई। अब उन्होने और जमीन ले ली। उस पर भी भरपूर फसल हुई। इस प्रकार परिश्रम से काम करे धीर-धीरे उन्होने अपनी खेती बहुत बढ़ा ली।

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Enjoy your Saturday. A good story makes us learn something new in life. Welcome to this story.
Have a good day.

Thanks for your tip, comments

(We are very grateful to this. And you continue to have success)

@ahlawat

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